कैंसर (कर्कटा अर्बुद): कैसे करें बचाव ?

  • 16

कैंसर (कर्कटा अर्बुद): कैसे करें बचाव ?

cancerकैंसर (अर्बुद) आज एक भयावह बीमरी के रूप में बढ़ रहा है हमारे आहार विहार का प्रभाव सीधा हमारे शरीर पर पड़ता है जिसके कारण हमें बड़ी बिमारियों का सामना करना पड़ता है। कैंसर (अर्बुद) क्या है कैसे होता है बता रहें है जीवक आयुर्वेदा के निदेशक टी के श्रीवास्तव।

कैंसर (अर्बुद) उन असामान्य कोशिकाओं के कारण होता है जो तेज़ी से बढ़ती हैं। आपके शरीर के लिए यह असामान्य बात है कि वह पुरानी कोशिकाओं को नई कोशिकायों से बदले, पर कैंसर की कोशिकाएँ बहुत अधिक तेज़ी से बढ़ती हैं।

कुछ कैंसर कोशिकाएँ वृद्धियाँ उत्पन्न कर सकती हैं जिन्हें अर्बुद (ट्यूमर) कहा जाता है। सभी अर्बुद आकार में बढ़ते हैं पर कुछ अर्बुद तेज़ी से बढ़ते हैं, जब कि अन्य धीमी गति से बढ़ते हैं।

अर्बुदों के प्रकार

कई बार अर्बुद कैंसरकारी नहीं होते हैं इन्हें अहानिकर अर्बुद कहा जाता है वे काफी हद तक स्वस्थ ऊतकों की कोशिकाओं जैसी कोशिकाओं से बने होते हैं। इस प्रकार का अर्बुद एक ही जगह स्थिर रहता है और वह स्वस्थ ऊतकों और अंगों में नहीं फैलता।
कैंसर के अर्बुदों को हानिकारक (मेलिग्नंट) ट्यूमर भी हानिकारक (मेलिग्नंट) कहा जाता है। इन अर्बुदों से कैंसर रक्त और लसीका (लिम्फ) प्रणालियों के माध्यम से शरीर के अन्य अंगों में फैल जाता है।
जब कैंसर फैलता है, तो इसे रोग व्याप्ति (मेटास्टासिस) याप्ति (मेटास्टासिस) कहा जाता है। कैंसर की कोशिकाएँ ट्यूमर से, जिसे प्राथमिक जगह कहा जाता है, रक्त या लसीका प्रणाली के जरिये शरीर के अन्य भागों में फैल जाती हैं।

कैंसर के प्रकार

कैंसर के कई प्रकार हैं।
कार्सिनोमा कैंसर का सबसे आम प्रकार है। फेफड़े, आंत, स्तन और डिंब ग्रंथियों के कैंसर आमतौर पर
इस प्रकार के कैंसर होते हैं।
सारकोमा अस्थि, उपास्थि, वसा और मांसपेशी में पाया जाता है।
लिम्फोमा शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के लिम्फ नोडों में आरम्भ होता है। इनमें हाॅजकिन्स और गैर-हाॅजकिन्स लिम्फोमा सम्मिलित होते हैं।
ल्यूकेमिया उन रक्त कोशिकाओं में आरम्भ होता है जिनका अस्थि मज्जा में विकास होता है और जो
रक्तप्रवाह में बड़ी संख्या में पाई जाती हैं।

कैंसर के लक्षण

कैंसर के लक्षण अर्बुद के प्रकार और स्थान पर निर्भर होते हैं। हो सकता है कि कुछ कैंसरों में तब तक कोई लक्षण न हों, जब तक कि ट्यूमर बड़ा न हो जाए। आम लक्षणों में निम्नलिखित लक्षण सम्मिलित हैंः

  • अत्यधिक थकान अनुभव करना
  • अज्ञात कारण से वज़न में कमी होना
  • बुखार, कँपकँपी या रात मे पसीना आना
  • भूख में कमी
  • शारीरिक कष्ट या दर्द
  • खांसी, साँस फूलना या सीने में दर्द
  • हैज़ा, कब्ज़ या मल में रक्त
    जब किसी कैंसर का पता लगेगा, तब इस बात की जाँच करने के लिए परीक्षण किए जाएंँगे कि क्या कैंसर शरीर के अन्य अंगों में फैल गया है। स्कैनों, एक्स-रे और रक्त के परीक्षणों की आवश्यकता हो सकती है।

आपकी देखभाल

आपका चिकित्सक निम्नलिखित के आधार पर इस बातका निर्णय करेगा कि आपको किस प्रकार के देखभाल की आवश्यकता हैः

  • कैंसर का प्रकार
  • कैंसर कितनी तेज़ी से बढ़ रहा है
  • क्या कैंसर शरीर के अन्य अंगों में फैल गया है
  • आपकी आयु और समग्रता में आपका स्वास्थ्य

कैंसर के सबसे आम उपचार निम्नलिखित हैंः

  • ट्यूमर और इसके पास के ऊतक को हटाने के लिए शल्यचिकित्सा (सर्जरी)
  • ट्यूमर और कैंसर की कोशिकाओं को सिकोड़ने या नष्ट करने के लिए नियंत्रित मात्राओं में विकिरण (रेडिएशन)
  • कैंसर की कोशिकाओं की वृद्धि को धीमा करने या नष्ट करने के लिए रसायनचिकित्सा (कीमोथेरेपी) दवा

लेकिन यह तीनो उपचार मरीजों के लिए नुकसानदायक है । ऑपरेशन के बाद कैंसर कोशिकाओं के बढ़ने की प्रक्रिया और तेज हो जाती है, उसके बाद रेडीएशन एवं कीमोथेरेपी के लिए सलाह दी जाती है, लेकिन रेडीएशन एवं कीमोथेरेपी की वजह से कैसर कोशिकाओं के साथ अच्छी कोशिकाओं को भी डैमेज करता है जिसकी वजह से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और कैंसर कोशिकाएं शरीर के अन्य हिस्सों से फेल जाती है और बाद में मरीज को बचाना मुश्किल हो जाता है।

आयुर्वेद में कैंसर का उपचार

आयुर्वेद द्वारा कैंसर का उपचार पूरी तरह सम्भव है। आयुर्वेद की रस-रसायन चिकित्सा द्वारा कैंसर कोशिकाओं के बढ़ने की प्रक्रिया व मेतास्टासिस की प्रक्रिया को पूरी तरह रोका जा सकता है।आयुर्वेदिक दवाओं का कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता है और न ही शरीर की प्रतिरोधक क्षमता घटती है।कमी है विश्वास की आयुर्वेद पर, अभी भी लोगों का भरोसा नहीं है कि जटिल रोगों का इलाज आयुर्वेद द्वारा हो सकता है। आयुर्वेद में कैंसर का इलाज पुरी तरह सम्भव है ।  4th stage के भी कैंसर आयुर्वेद के द्वारा ठीक होते देखे गए हैं।


Request a Call Back

Your Name (required)

Your Email (required)

Call Back Number(required)

Your Message

WHAT’S NEW

What Patients Say

Dear Mr. T K Srivastava,

This is to thank you and the entire team at Jivak Ayurveda for the care taken towards my mother during her pain cancer.

She is now back home.

Dr. Tiwari and his entire team was exceptional in assisting her recovery in every possible way without which her turnaround would have perhaps been difficult.

I must also bring to your notice that your hospital has an outstanding nursing team. Even in the crisis, the team kept my mother smiling. Do convey my personal gratitude to a…

Thanks "Jivak" to give me a new hope of Life

Address

First Floor, Nidhi Complex, Sec-2, Vikas Nagar, Lucknow-226022
7704996699
JivakAyurveda@gmail.com