Patients Registration Patient's Name* Your Email Your Contact Number* Age* Gender* MaleFemale Weight (KG)* Diagnosis (If you know your Disease) Past History DiabetesHypertensionChemotherapyRadiotherapyOperation Report (If Any) रोगी सहमति पत्र - मैं जीवक आयुर्वेदा के चिकित्सक तथा उनके सहायकों द्वारा अपनी चिकित्सा करने के लिए सहमति देता हूँ। मैं आयुर्वेद की सम्पूर्ण चिकित्सा में प्रयुक्त दैव व्यापाश्रय, युक्ति व्यापाश्रय और सत्वावजय की पद्धति से सहमत हूँ जो हमारे शारीरिक और मानसिक अवस्था को ठीक करने के लिए प्रयोग किया जायेगा। मैं जीवक आयुर्वेदा की रस-रसायन औषधि और पंचकर्म पद्धति के बारे में पूरी तरह से सहमत हूँ। इसके लिए भी उनसे आग्रह करता हूँ कि मेरे अच्छे स्वास्थ के लिए समय-समय पर जो चिकित्सा या जाँच जरूरी हो करते/कराते रहें। मुझे यह भी बता दिया गया है कि हमारी कारगर चिकित्सा हेतु रस-रसायन के साथ-साथ पंचकर्म भी महत्वपूर्ण है। पंचकर्म में 60 से 120 दिन का समय लगता है जो कि मरीज की दशा पर निर्भर करता है। जहाँ आयुर्वेदिक रस-रसायन पद्धति से बीमारी पूरी तरह नियन्त्रण किया जाता है वहीं पंचकर्म से मरीज के शरीर और मस्तिक में पहले से आये विकारों को दूर किया जाता है। मैं जीवक आयुर्वेदा की चिकित्सा पद्धति को अन्य सभी चिकित्सा पद्धति से अच्छा समझता हूँ तथा इसके फायदे एवं नुकसान के बारे में मुझे बताया जा चुका है। मुझे यह भी बताया गया है कि इस चिकित्सा से इलाज के सफल होने की कोई गारन्टी नही दी जा रही है। जीवक आयुर्वेदा द्वारा यह भी बताया गया है कि जो आयुर्वेदिक रस-रसायन की दवाएं दी जाती है वो धातु की भस्म जैसे- सोना, चाँदी, हीरा आदि से बनी होती है। ये भस्में धातुओं की आक्साइड और सल्फाइड के रूप में होती हैं जिनका प्रयोग रस-रसायन में होता है और वह हमारे शरीर द्वारा पूर्णतया ग्राह्य है। यह चिकित्सा आयुर्वेद दुष्प्रभाव शास्त्रों के अनुसार किया जाता है जो असाध्य रोगों को दूर करने में कारगर होती है। जीवक आयुर्वेदा की आयुर्वेदिक पद्धति से अभी तक किसी भी रोगी को कोई दुष्प्रभाव नही हुआ जिसका विवरण हमारे संज्ञान में आया हो। अतः इलाज के समय या उसके बाद मृत्यु की दशा में कोई दावा, हर्जाना नही मांगें क्योंकि जीवन और मृत्यु ईश्वर के हाथ में है। चिकित्सा के दौरान चिकित्सा से सम्बन्धित जगहों की फोटो या वीडियो जीवक आयुर्वेदा अपने रिसर्च के लिए मुझसे लेकर अपने रिकार्ड के लिए रख सकते हैं तथा इसका प्रयोग जीवक जनजागरण अभियान में भी कर सकता है। मै चिकित्सा उपरान्त अपने स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी जीवक आयुर्वेदा को देता रहूँगा। मरीजों को इलाज के दौरान तथा इलाज के बाद भी जो निर्देश दिये जायेगें उनका पालन करना अनिवार्य होगा। यह मुझे भली भाँति मालूम है कि रेडियो/कीमो चिकित्सा तथा ऑपरेशन कराने के बाद उसके भयंकर दुष्प्रभाव (साइड इफेक्ट तथा आफ्टर इफेक्ट) होते हैं। मरीजों को जीवक आयुर्वेदा के डॉक्टर जब तक के लिए इलाज बताऐगें तब तक वे इलाज करायेंगे तथा बीच में न उसे छोड़ेंगें और न लम्बा अन्तराल होने देंगें। मैं उपरोक्त सभी बातों से सहमत हूँ । I Agree